वहाबी से सवालात
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*🥀 वहाबी से सवालात 🥀*
मामूलाते अहले सुन्नत के ख़िलाफ़ विचारधारा रखने वाले वहाबी, देवबंदी, अहले हदीस से 35 सवालात
निसार तेरी चहल पहल पर, हज़ारों ईदें रबीउल अव्वल!
सिवाए इब्लिस के जहां में, सभी तो ख़ुशियां मना रहे हैं!!
बिरादराने मिल्लते इस्लामिया! हमारी ओर से ये चन्द सवालात आपकी अदालत में एक इस्तिग़ासा है और उन लोगों को दावते फ़िक्र देनी है, जो देवबंदी, वहाबी, अहले हदीस आदि विचारधारा से प्रभावित होकर कुछ मुस्तहब कार्यों (जैसे मिलाद शरीफ़, उर्स, ग्यारहवीं शरीफ़, ईद मीलादुन्नबी के जलसे, जुलूस, झंडे आदि) पर अमल करने को शिर्क व बिदअत और ना जाने क्या क्या कहते हैं और सीधे साधे तथा भोले भाले मुसलमानों को यह कहकर कि "यह सब दौरे रिसालत मआब सल्लल्लाहू अलैहि व सल्लम और दौरे ख़ुलफ़ा व सहाबा अलैहिमुर्रिज़वान में ना थीं" इसलिए बिदअत व शिर्क हैं।
अब इस्तिग़ासा प्रस्तुत करने का मुजिब अम्र यह है कि देवबंदी, वहाबी, अहले हदीस आदि का यह पंथ यदि क़ुरआन और हदीस पर आधारित है, तो उन्हें हर हाल में इस पर बने रहना चाहिए था, यानी जिन चीज़ों का वजूद (अस्तित्व) दौरे रिसालत सल्लल्लाहू अलैहि व सल्लम और दौरे ख़ुलफ़ा व सहाबा अलैहिमर्रिज़वान में ना था, तो इन बातों से उन्हें और उनकी जमाअत को बचना चाहिए था, लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है और यह कैसा अंधेर है कि यही बात अगर सुन्नी सहीहुलअक़ीदा मुसलमान करे, तो शिर्क और बिदअत, लेकिन खुद करें, तो सही इस्लाम।
बिरादराने मिल्लते इस्लामिया! ये चन्द सवालात आपकी अदालत में मैं वहाबी, देवबंदी, अहले हदीस आदी से कर रहा हूं। वहाबी, देवबंदी, अहले हदीस आदी इन सभी सवालों का जवाब दें। ये रहे चन्द सवालात...
सवाल 21: सीरतुन्नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कांफ़्रेन्स, मोहम्मदुर्रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कांफ़्रेन्स, सैय्यदुल्बशर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कान्फ़्रेन्स, ख़त्मे बुखारी शरीफ कांफ़्रेंस, दौर-ए-हदीस कान्फ़्रेंस आदि, क्या सहाबा-ए-किराम ने ऐसी कान्फ़्रेसों को और ऐसे नामों से आयोजित किए हैं? यदि नहीं, तो ये सारे काम आपके नज़दीक क्या हैं, शिर्क या बिदअत? तथा देवबंदी, वहाबी और अहले हदीस ऐसी कांफ़्रेस करके और ऐसे नाम रखने से क्या ठहरे? मुशरिक या बिदअती?
सवाल 22: भारत के दिल्ली से और पाकिस्तान के राय विंङ से तीन दिन, दस दिन, चालीस दिन के चिल्ला के लिए, बोरिया बिस्तर बांधकर, चाय दानी, स्टोव और नसवार की डिबया लेकर, परिजनों के अधिकार पीछे डाल कर, घर से निकलना सुन्नत है या बिदअत? तथा ऐसा करने वालों के बारे में क्या हुकम (आदेश) है?
सवाल 23: स्कूल और मदरसों में बच्चों को छह कलमें, उनके नाम और उनकी तरतीब ह़ुज़ूर अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और सहाबा अलैहिमुर्रिज़वान से साबित नहीं, लेकिन इसके बावजूद आप लोग ख़ूद भी पढते हैं और अपने स्कूलों व मदरसों में बच्चों को पढाते भी हैं, तो क्या यह काम सुन्नत है या बिदअत?
सवाल 24: निकाह के वक्त इमाने मुफ़स्सल और इमाने मुजम्मल पढ़ाना, किस सहाबी की सुन्नत है? अगर किसी सहाबी से इस तरह साबित नहीं, तो आप लोग इस अमल (प्रक्रिया) को क्या समझ कर करते हैं? सुन्नत या शिर्क या बिदअत?
सवाल 25: कुरआन शरीफ़ को किताब की शक्ल में जमा करना सहाबा से साबित है, लेकिन हदीसे पाक को किताब की शक्ल में जमा करना किस का तरीका है? क्या यह काम जाइज़ (उचित) हुआ या बिदअत? अइम्म-ए-मुहद्दसीन के बारे में आपका क्या ख़्याल है? तथा आपके मक्तबों के बारे में क्या हुकम है?
बिरादराने इस्लाम! मैं ने वहाबी, देवबंदी अहले हदीस आदि से 25 सवालात किए हैं
आप वहाबी, देवबंदी अहले हदीस आदि से इन में से एक एक करके सवालों के jawab puche.
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*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
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