अंग्रेज को मदरसा देवबन्द की सफाई 1️⃣6️⃣A

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         *🥀 उलमा ए देवबंद के शैतानी अक़ाइद*
                           *व हक़ाइक़ 🥀*


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                  *पोस्ट नम्बर:- 16-A*
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*(72) अंग्रेज को मदरसा देवबन्द की सफाई*

 आगे चलकर इन्हीं देवबन्दी बुजुर्गों के मुताल्लिक़ लिखा- मदरसा देवबन्द में एक मौक़े पर जब इन्क्वायरी आई तो उस वक़्त यही हज़रत आगे बढ़े और अपने क़ारी एतमाद को सामने रखकर मदरसा की तरफ़ से सफाई पेश की, जो कारग़र रही। 

    *📚(हाशिया सवानेह क़ासमी, जिल्द-2, सफ़ह- 247, मतबुआ़ मकतबा रहमानिया लाहौर, तहरीर: मनाज़िर अहसन ग़िलानी)*

*तबसरह:-* घर का राज़दार होने की हैसियत क़ारी तैयब का बयान जितना बावजन हो सकता है वह मुहताज़े बयान नहीं है अब आप ही फैसला कीजिए कि जिस मदरसे के चलाने वाले अंग्रेज के बफ़ादार पेशेनमक ख़्वार हों उसे बाग़ियाना सरग़र्मियों का अड्डा कहना आखों में धूल झोंकने के मुतरादिक़ है या नहीं।

*(73) खत्मे नबूवत पर एक और डाका, "नानौतवी की क़ब्र ऐने नबी की क़ब्र है,*

   मौलाना रफीउद्दीन साहब साबिक़ मुहतमिम दारूल उलूम देवबन्द का मकाशफ़ा है कि हज़रत मौलाना क़ासिम साहब नानौतवी बानी दारूल उलूम देवबन्द की क़ब्र ऐन किसी नबी की कब्र में है" 

   *📚(मुबश्शरात दारूल उलूम, सफ़ह-36, मतबुआ़ मुहकमा नस्रो-इशाअ़त दारूल उलूम देवबन्द इन्डिया)*

*तबसरह:-* समझ में नहीं आता कि इस कश्फ़ से मौसूफ़ की क्या मुराद है? क्या देवबन्द में किसी नबी की क़ब्र पहले से मौजूद थी? जिसे ख़ाली कराया गया और नानौतवी साहब को वहाँ दफ़न कराया गया ? अगर ऐसा है तो उस नबी की निशान दही किसने की ?

*(74) नानौतवी से वह काम लेना है जो नबियों से लिया गया है और नानौतवी की क़ब्र पर वही का नूज़ूल*
  
 "जहाँ तसबीह लेकर बैठा बस एक मुसीबत होती है, इस क़दर ग़रानी कि जैसे सौ-सौ मन के पत्थर किसी ने रख दिये हों ज़ुबान व क़ल्ब सब बस्ता हो जाते हैं"

*📚(हाशिया सवानेह क़ासमी, जिल्द-2, सफ़ह- 258, मतबुआ़ मकतबा रहमानिया लाहौर)*

   इस शिकायत का जवाब हाजी साहब जुबानी ये नक़ल किया गया है कि ये नबूवत का आपके क़ल्ब (दिल) पर फैज़ान होता है और ये वो शक्ले (गिरानी) है जो हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को वही के वक़्त महसूस होता था। तुमसे हक़ तआ़ला को वो काम लेना है जो नबियों से लिया जाता है,,, 

    *📚(हाशिया सवानेह क़ासमी, जिल्द-1, सफ़ह- 259, मतबुआ़ मकतबा रहमानिया लाहौर)*
*📚 (उलमा ए देवबंद के शैतानी अक़ाइद व हक़ाइक़, सफ़ह- 21/22)*

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