नबीए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कमाल मुशाबिहत2️⃣5️⃣

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         *🥀 उलमा ए देवबंद के शैतानी अक़ाइद*
                           *व हक़ाइक़ 🥀*


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                  *पोस्ट नम्बर:- 25*
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*(107) नबीए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कमाल मुशाबिहत*
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   "आप (सैयद अहमद) की ज़ाते वाला सिफ़ात इब्तदाए फ़ितरत से जनाबे रिसालत मआ़ब सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की कमाल मुशाबेहत पर पैदा की गई थी। 

   *📚(सिराते मुस्तक़ीम, सफ़ह- 4, तहरीर: मौलवी इस्माईल देहलवी)*

*(108) अपने वालिद साहब, इमाम हसन व इमाम हुसैन रदिअल्लाहु अन्हुम से भी आला*

   हज़रते इमाम हसन रदिअल्लाहु अन्हु को सात साल की उम्र में तेरह हदीसें याद थीं.... हज़रत इमाम हुसैन रदिअल्लाहु अन्हु को छः साल की उम्र में आठ हदीसें याद थीं। मेरे वालिद साहब का जब दूध छुड़ाया गया तो पाव पारा हिफ़्ज़ हो चुका था।

  *📚(फज़ाइले आमाल सफ़ह-209 ता 211, मतबुआ़ मकतबा रहमानिया लाहौर, तहरीर: मौलवी ज़करिया)*

*(109) नबूबत के लिए देवबन्दियों और मिरजाइयों में खाना जंगी*

    देवबन्दियों के शैख़ुल तफ़सीर मौलवी अहमद अली लाहौरी रक़मतराज़ हैं "मिर्ज़ा गुलाम अहमद क़ादयानी असल में नबी ही थे लेकिन मैंने उनकी नबूवत कशीद कर ली और ये नबूवत अब मुझे वही की मुनफ़अ़तों (फ़ायदों) से नवाज़ रही है। 

    *📚(तजल्ली देवंबद, जनवरी 1957)* (अइज्जा) काश हम हर माँ नसीब कुतुबुल आफ़ताब (मौलवी अहमद अली लाहौरी) की पैगंबराना सुहबत से मुस्तफ़ीद होते (फ़ायदा उठाते) *(ख़ुद्दामुद्दीन लाहौरी 20 अप्रैल 1962 ई. सफ़ह- 08)* (अइज़्ज़ा) रूखे अल्लामा अहमद अली की हर तजल्ली में, नबूवत के सिराजे इल्म की तनवीर देखी...  

    *📚(ख़ुद्दामुद्दीन लाहौरी 24 मई 1962 ई.)*
 *📚 (उलमा ए देवबंद के शैतानी अक़ाइद व हक़ाइक़, सफ़ह- 31/32)*

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